रविवार, 16 अगस्त 2026

हम तुम भी कभी मिले थे यहाँ


 

कोई आया था यहाँ,

ये एहसास अब भी ठहरा है यहाँ। 

 

किसी ने कुछ सपने

यहीं कहीं सँवारे थे,

उनकी आहट

अब भी महसूस होती है यहाँ

 

वो जो “कोई था,

सब कुछ यहीं छोड़ गया—

बस वही सच

अब भी बसा है यहाँ


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