रविवार, 16 अगस्त 2026

हम तुम भी कभी मिले थे यहाँ


 

कोई आया था यहाँ,

ये एहसास अब भी ठहरा है यहाँ। 

 

किसी ने कुछ सपने

यहीं कहीं सँवारे थे,

उनकी आहट

अब भी महसूस होती है यहाँ

 

वो जो “कोई था,

सब कुछ यहीं छोड़ गया—

बस वही सच

अब भी बसा है यहाँ


सोमवार, 20 अप्रैल 2026

कोई आया था यहाँ

 



कोई आया था यहाँ,

ये एहसास अब भी ठहरा है यहाँ

किसी ने कुछ सपने

यहीं कहीं सँवारे थे,

उनकी आहट

अब भी महसूस होती है यहाँ


वो जो “कोई” था,

सब कुछ यहीं छोड़ गया—

बस वही सच

अब भी बसा है यहाँ….. 


hum tum
 meri tumhari kahani

सोमवार, 16 फ़रवरी 2026

कुछ अजीब-सा

कभी-कभी शब्द
माला के मोतियों-से बिखर जाते हैं,
पिरोना चाहते हैं उन्हें,
पर समझ नहीं आता—
कौन-से मोती
सजाने लायक हैं

आप ही बताएं : Which one i should go with 

कुछ अजीब-सा
चलता रहता है ये दिल,
न जाने किस ज़िद में
भटकता रहता है ये दिल
 
कब तक
इसे समझाना होगा?
आख़िर कब तक
इसे मनाना होगा?
 
उम्र का ख़याल
अब तो कर ले—
बालों की सफ़ेदी में
ख़्वाहिशों का गजरा
हर बार
खुशबू नहीं देता

कुछ अजीब-सा
चलता रहता है ये दिल,
न जाने किस ज़िद में
भटकता रहता है ये दिल
 
कब तक
इसे समझाना होगा?
आख़िर कब तक
इसे मनाना होगा?
 
उम्र का ख़याल
अब तो कर ले—
बालों की सफ़ेदी में
ख़्वाहिशों का गजरा
हर बार
खुशबू नहीं देता








#hindiwriting
#scribbling 
kuch ajeeb sa



सोमवार, 17 नवंबर 2025

दीवानों से क्या कहें

 

दिवानों को कोई नाम न दो

बस एक नज़र और सलाम ही काफी है

मोहब्बत की मिसाल बना देते हैं वो

जिनकी ज़िंदगी में बस मोहब्बत ही काफी है




सोमवार, 3 नवंबर 2025

मजबूरियां

 

अपनी ही ज़िन्दगी 

मजबूरी सी 

क्यों लगने लगती है 


शायद 

इससे ही स्वर्ग या नरक 

कहते हैं