सोमवार, 16 फ़रवरी 2026

कुछ अजीब-सा

कभी-कभी शब्द
माला के मोतियों-से बिखर जाते हैं,
पिरोना चाहते हैं उन्हें,
पर समझ नहीं आता—
कौन-से मोती
सजाने लायक हैं

आप ही बताएं : Which one i should go with 

कुछ अजीब-सा
चलता रहता है ये दिल,
न जाने किस ज़िद में
भटकता रहता है ये दिल
 
कब तक
इसे समझाना होगा?
आख़िर कब तक
इसे मनाना होगा?
 
उम्र का ख़याल
अब तो कर ले
बालों की सफ़ेदी में
ख़्वाहिशों का गजरा
हर बार
खुशबू नहीं देता

कुछ अजीब-सा
चलता रहता है ये दिल,
न जाने किस ज़िद में
भटकता रहता है ये दिल
 
कब तक
इसे समझाना होगा?
आख़िर कब तक
इसे मनाना होगा?
 
उम्र का ख़याल
अब तो कर ले
बालों की सफ़ेदी में
ख़्वाहिशों का गजरा
हर बार
खुशबू नहीं देता








#hindiwriting
#scribbling 
kuch ajeeb sa



सोमवार, 17 नवंबर 2025

दीवानों से क्या कहें

 

दिवानों को कोई नाम न दो

बस एक नज़र और सलाम ही काफी है

मोहब्बत की मिसाल बना देते हैं वो

जिनकी ज़िंदगी में बस मोहब्बत ही काफी है




सोमवार, 3 नवंबर 2025

मजबूरियां

 

अपनी ही ज़िन्दगी 

मजबूरी सी 

क्यों लगने लगती है 


शायद 

इससे ही स्वर्ग या नरक 

कहते हैं 




सोमवार, 13 अक्टूबर 2025

अजीब दास्तान



💖💗💕

मोहब्बत होने पर
हर लम्हा हर बात
बेमाना लगती है
 
पर , गीले-शिकवों में
यही मोहबत
हर लम्हें को
अल्फ़ाज़ दे देती है


अजब दास्तान है
इस मोहब्बत की


अपना बनाने पर
लम्हों से अल्फ़ाज़ छीन लेती है
और बेगाना कर देने पर
हर लम्हे को
अल्फ़ाज़ दे जाती है



सोमवार, 22 सितंबर 2025

भूलने लगा हूँ

 

 मैं मोहब्बत के वादे

भूलने लगा हूँ कुछकुछ 

गर तुम्हें याद रहे हों

तो वही याद करवाने

जाना

 

मैं अपने टुकड़े

जाने कहाँ छोड़ आया हूँ 

गर तुम्हारे पास हों

तो वही लौटाने

जाना।

 

बहाने बहुत हैं

तुमको बुलाने के

पर तुम्हारा बहाना

क्या है आने का

बस वही बताने

एक बार तो बस

जाना