कोई आया था यहाँ,
ये एहसास अब भी ठहरा है यहाँ
किसी ने कुछ सपने
यहीं कहीं सँवारे थे,
उनकी आहट
अब भी महसूस होती है यहाँ
वो
जो “कोई” था,
सब
कुछ यहीं छोड़ गया—
बस
वही सच
अब भी बसा है यहाँ…..
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'हिंदी कवितायेँ 'और कुछ 'हिंदी कहानियाँ' सपनो में गुज़र रही है ज़िन्दगी, ख्यालो में बना रखा है हमने अपना घर, दिल की बात को शब्दों की माला में पिरोते रहना, बस इतना ही बना रखा है हमने अपना दायरा, जीने के लिए बस जो ज़रूरी है उतने में ही समेट रखा है हमने अपना जहां। 'Hindi Poems' and some 'Hindi Stories'
आप ही बताएं : Which one i should go with
कुछ
अजीब-सा चलता
रहता है ये दिल, न
जाने किस ज़िद में भटकता
रहता है ये दिल कब
तक इसे
समझाना होगा? आख़िर
कब तक इसे
मनाना होगा? उम्र
का ख़याल अब
तो कर ले— बालों
की सफ़ेदी में ख़्वाहिशों
का गजरा हर
बार खुशबू
नहीं देता
|
कुछ
अजीब-सा चलता
रहता है ये दिल, न
जाने किस ज़िद में भटकता
रहता है ये दिल कब
तक इसे
समझाना होगा? आख़िर
कब तक इसे
मनाना होगा? उम्र
का ख़याल अब
तो कर ले— बालों
की सफ़ेदी में ख़्वाहिशों
का गजरा हर
बार खुशबू
नहीं देता
|
दिवानों को कोई नाम न दो
बस एक नज़र और सलाम ही काफी है
मोहब्बत की मिसाल बना देते हैं वो
जिनकी ज़िंदगी में बस मोहब्बत ही काफी है
💖💗💕
अपना
बनाने पर
लम्हों से अल्फ़ाज़ छीन
लेती है
और बेगाना कर देने पर
हर लम्हे को
अल्फ़ाज़ दे जाती है