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मंगलवार, 7 दिसंबर 2021

10 सर्वश्रेष्ठ आभासी यात्रा साइटें-best virtual travel sites


क्रोना कल में 2021 साल बस यूँ ही गुज़र गया।  

  • ऑनलाइन क्लासेज 
  • ऑनलाइन स्कूल
  • ऑनलाइन टूशन 
  • ऑनलाइन कॉलेज 
  • ऑनलाइन ऑफिस 
  • ऑनलाइन योग क्लासेज 
  • ऑनलाइन बेकरी/केक क्लासेज
  • ऑनलाइन म्यूजिक क्लासेज 
  • ऑनलाइन शादी 
  • ऑनलाइन जन्मदिन पार्टी 
  • ऑनलाइन दोस्तों से गुफ्तगू 
  • ऑनलाइन संगीत समारोह 
ऑनलाइन प्यार, तकरार, बस यूँ ही साल गुज़र गया, न जाने गर्ल फ्रेंड और बॉय फ्रेंड्स का क्या हुआ होगा। प्यार - वयार, छुप-छुप कर मिलना, घर वालों को झूठ बोल कर घर से निकलना, क्रोना ने सब बदल कर रख दिया। अच्छा हुआ या बुरा हुआ ये सब तो पता नहीं, पर कुछ बहुत अच्छा सा हुआ, क्या अच्छा हुआ - जहाँ हम जाने की सोच भी नहीं सकते थे, या कहें की बहुत पैसे लगते थे जहाँ जाने के लिए अब वहां घूमना संभव सा हो गया।  घर बैठे बहुत ही कम पैसों में अब कहीं भी घूमा जा सकता है, ये सब संभव हो पाया है 'आभासी यात्रा' (Virtual Tours) के द्वारा।

क्रोना ने न जाने कितने बिज़नेस ठप कर दिए, कई नौकरियां भी चली गयी। 'टूर गाइड्स' (Tour Guides) की तो जैसे आमदनी ही बंध हो गयी, क्यूंकि कोई घूमने नहीं जाता तो टूर गाइड का काम भी नहीं रहा। सो ऐसे में 'आभासी यात्रा' (Virtuak Tours) एक वरदान साबित हुई है टूर गाइड्स (Tour Guides) के लिए।  

कुछ ऐसी वेब्सीटेस हैं जिस पर आप लोग-इन करके आप घर बैठे ही दुनिया के किसी भी देश, शहर, नगर यहाँ तक किसी भी गली और कूचे में घूम सकते हैं। अमरीका के रेड वुड्स, ग्रैंड कैनियन या फिर अफ्रीका के जंगल हो या फिर दिल्ली का चांदनी चौक या फिर केरल का समुन्द्र किनारा हो या कन्याकुमारी हो सब जगह हम घर बैठे ही घूम सकते हैं।  इनमें कुछ ऐसे टूर हैं जो आप काम पैसों में ही जा सकते हैं। 
ऐसी कुछ साइट्स हैं :


1. https://earth.google.com/web/


2. https://britishmuseum.withgoogle.com/  इस वेबसाइट पर आप ब्रिटिश म्यूजियम घर बैठे देख सकते है।  

3. https://www.thechinaguide.com/destination/great-wall-of-china इस वेबसाइट पर आप Great wall of China  घूम सकते हैं। 

4. https://www.airpano.com/360photo/Taj-Mahal-India/  इस वेबसाइट पर आप ताज महल का भ्रमण कर सकते हैं। 

5. https://www.georgiaaquarium.org/webcam/jelly-webcam/   इस वेबसाइट पर समुन्द्र के अंदर घूम सकते हैं।  

तो आप कहाँ - कहाँ घूम कर आये जरूर बताईगा।  


रविवार, 28 नवंबर 2021

पांच सबसे उपयोगी वेबसाइट

 

बच्चो और बड़ो दोनों के काम की पांच ऐसी वेबसाइट, जो आपको अपने बच्चो का होम वर्क करने में भी मदद करेंगीं। आज कल जब बच्चे घर से ही क्लासेज कर रहे है और होम-वर्क करने पर भी तरहं-तरह के सवाल पूछते हैं, तो उस समाये ये वेबसाइट आपके बहुत काम आ सकती है। 

उपयोगी होने के साथ-साथ ये वेबसाइट बहुत से दिलचस्प तथ्ये भी प्रदान करती हैं, आप खुद ही जान जायेगें।  



ये वेबसाइट हैं :

1. www.mathway.com : यह वेबसाइट स्टूडेंट्स (students) के लिए बहुत गई उपयोगी साइट (sites) है। इस वेबसाइट के ज़रिये छात्र अलजेब्रा (बीजगणित) ही नहीं बल्कि कलन  (Calcus) और रसायन विज्ञान (chemistry) के प्रोब्लेम्स को भी क्रमशय हल करती है। किसी भी गणित के सवाल को step by step हल करता है, जिससे समझने में भी आसानी होती है। ये वेबसाइट स्टूडेंट्स (students) और उनके माता - पिता के लिए उपयोगी साइट है।  

2. www.myfridgefood.com : जब भी माँ पूछती हैं 'क्या बनाऊ आज' तो बच्चों का यही उत्तर होता है 'कुछ भी' अब माँ कहाँ जाये क्या बनाये। तो यह साइट मम्मी लोगो के लिए  बहुत ही उपयोगी और दिलचस्प वेबसाइट है, आपके फ्रिज या रसोई में क्या सामग्री है, बस इतना ही आपको इस साइट को बताना है और फिर ये साइट आपको ये बता देगी की आप क्या बना सकते है। तो अब जो भी सामग्री आपकी रसोई में है वो आप इस वेबसाइट पर बानी सूची में डाल दे और यह वेबसाइट आपको एक नयी डिश बनाने की विधि तुरंत ही बता देगी।

3. www.thetruesize.com : अगर आपको किसी भी देश का वास्तविक आकर जानना है तो ये वेबसाइट आपके लिए है, आप इस वेबसाइट पर किसी भी देश का वास्तविक आकर जान सकते हैं और दो से तीन देशों के आकर को तुलना भी कर सकते हैं। 

4. www.innerbody.com : यह वेबसाइट आपको मानव शरीर रचना विज्ञान को पड़ने और समझने में मदद करता है। बच्चो को पढ़ाने और आसानी से समझाने का काम इस  वेबसाइट की मदद से किया जा सकता है। यह वेबसाइट मानव शरीर की  विभिन प्रणालियों और खंडो का अध्ययन करने के लिए एक आसान तरीका है। Digestive System, Nervous System व् Endocrine System व् अन्य मानव शरीर की प्रलाणियों के बारे में गहन अध्ययन कर सकते हैं, और बच्चो को भी विस्तार से समझा सकते हैं।  


 

5. www.screamintothevoid.com : कभी मन जब उदास या परेशान होता है तो चिल्लाने का बड़ा मन करता है।  अगर आपका भी मन कभी - कभी चिल्लाने का करता है तो ये वेबसाइट आपके लिए है।  वर्तमान में आप क्या महसूस कर रहे है बस इस वेबसाइट पर टाइप करे और नीचे दिए स्क्रीम (SCREAM) बटन को क्लिक (click) कर दें बस अपने मन की भड़ास निकल दे सारी की सारी। कभी - कभी जब कुछ करने का मन नहीं करता तो यही करके देख लें।

तो आप भी लोग-इन कर के देखें। और भी बहुत सी ऐसी वेबसाइट हैं जो हमारी रोज़ की ज़िन्दगी हमारी मदद कर सकती हैं। बस उन्हें कैसे खोजना है ये सीखना है, सोशल साइट्स को छोड़ आप भी नयी और मज़ेदार साइट्स की खोज में लग जाये और अपना ज्ञान बढ़ाएं।  



रविवार, 21 नवंबर 2021

कीट खाने वाला पौधा - Insect Eating Plant


मेघालय के पहाड़ो में पाया जाने वाला एक पौधा है, जो की मांसाहारी पौधा है।  

जी हाँ अपने ठीक पढ़ा मांसाहारी पौधा, जो की कीड़े और मकोड़े खाता है, स्थनीय लोग इसे 'मंकी कप' भी कहते हैं, क्यूंकि जायदातर बन्दर और अन्य जानवर इसमें जो पानी होता है उसे पीते दिखाई देते हैं। 

दुनिया के कई देशो में कीड़े-मकोड़े खाने वाले पौधे पाए जाते हैं, ये पौधे कीड़ो और मकोड़ो को पहले फ़साते हैं और फिर उनको मार कर खा जाते हैं।  इन पौधों में एक तरहं का पानी या तरल पदार्थ पाया जाता हैं, यह तरल पदार्थ मीठा होता हैं, जिस से कीड़े और मकोड़े आकर्षित होते हैं, पर ये मीठा पदार्थ कुछ चिप-चिपा सा होता हैं, जब कीड़े अपने को इस पदार्थ से छुड़ाने की कोशिश करते हैं तो थक कर अपनी जान गवा बैठते हैं, और इस तरहं ये पौधा कीड़ो को फ़सा कर खा जाता हैं। 

इन्हे पिचर प्लांट (Pitcher Plant) कहा जाता है, जहाँ पिचर (Pitcher) का मतलब होता है मटका या पानी का जग, और प्लांट (Plant) का है मतलब पौधा। दिखने में यह पानी से भरे जग ही लगते हैं। कीड़े और मकोड़े इन पौधों के लिए अति आवश्यक पौषक तत्व हैं, इन से इन पौदों को पौषण मिलता है जो की इन पौधों के जीवित रहने के लिए आवश्यक हैं। भारत में यह पौधे भारत के उतर-पूर्व क्षेत्रों में पाए जाते हैं, विशेषकर मेघलाय के उत्तर-पूर्व खासी हिल्स तथा पचिमी दक्षिणी गारो हिल्स और जैंतिया हिल्स में पाए जाते हैं।  

हिंदी में इन पौधों को घाटपर्णी (Ghatparni) के रूप में जाना जाता है, जबकि स्थानीय जनजातियों के अपने नाम हैं - खासी लोग (खासी, उतर-पूर्वी भारत के मेघालय में बसने वाला एक जातीय समूह है) पौधे को तिव-राकोट (Tiew-Rakot) कहते हैं, जिसका अर्थ है "भक्षण करने वाला पौधा" (Devouring Plant), गारो इसे मेमंग-कोक्सी (Memang Koksi) कहते हैं जिसका अर्थ है "भूत या शैतान की टोकरी"; और जयंतिया भाषा का शब्द केसेट-फारे (Kset Phare) है जिसका अर्थ है 'लिडेड फ्लाई नेट' (Lided fly net) ढकन वाला जग या ग्लास । 

देखने में ये पौधा एक ढकन वाला कप या गिलास की तरहं लगता है। सुबह के वक़त इसके ऊपर वाला ढकन खुल जाता है, और दिन में कई बार ये पानी या तरल पदार्थ वाला फव्हारा छोड़ता है, जिससे कीड़े-मकोड़े आकर्षित होते हैं और इन पत्ते नुमा फूल के किनारो पर नीले रंग का चिप-छिपा पदार्थ होता है जो की कीड़ो को फ़साने वाला जाल होता है।  

पिचर प्लांट Piture Plant कई प्रकार के होते हैं और सभी पौधों की कीड़ो को लुभाने की अपनी ही रणनीति होती हैं, कुछ पौधे फूलों की तरहं भीनी-भीनी सुगंध छोड़ते हैं तो वहीँ कुछ पौधे मीठे पानी से कीड़ो को लुभाते हैं, कुछ-कुछ देर में ये पौधे मीठे पानी का फवरा छोड़ते हैं जिससे कीड़े आकर्षित हो इसमें फँस जाते हैं।  

बड़ा ही दुःख होता है जब ये पड़ने को मिलता है की ये पौधे लुप्त होने की कगार पर हैं। इंसान अपनी ज़मीन बढ़ाता जा रहा है जिस से पेड़-पौधे और जानवरों पर खतरा बढ़ता जा रहा है। 

बड़ी दुखद बात है पर सच है की आज मानव मंगल पर घर बनाने की बात करता है पर अपने गृह को नष्ट करता जा रहा है।  

मैं उम्मीद करती हूँ जब ये महामारी का दौर ख़तम हो जायेगा और मैं फिर से इन पौधों को देखने जा सकूँगीं और सबसे बढ़ कर वो वहीँ देखने को मिल जायेंगें !


रविवार, 31 अक्तूबर 2021

'Living Root Bridges' - लिविंग रुट ब्रिज

 

आज कल ऐसा ट्रेंड चल गया है की देश से बाहर बहुत लोग जा रहे है, सबको दूसरे देशों में घूमना पसंद आने लगा है, मुझे लगता है किसी ने अपने भारत देश के बारे में जानना भी नहीं चाहा, जितना वक़त हम बाहर के देशों में घूमने के लिए अनुसंधान करते है उससे आधा समय अगर हम अपने देश में दें तो हम कम समय और कम पैसों में अपना देश घूम सकते हैं।  कई जगह हमारे देश में ऐसी हैं जो अभी भी बहुत ही कम लोगों को पता है।  अगर आप को एडवेंचर पसंद है तो हमरे देश में नार्थ-ईस्ट (North-East) सबसे अवल नंबर पर आता है।  

नार्थ-ईस्ट आठ प्रदेशो को मिला कर कहा जाता है, जो की इस प्रकार हैं अरुणाचल प्रदेश , असम, मेघालय, मणिपुर, त्रिपुरा और मिजोरम।  भारत के ये आठ प्रदेश अपने-अपने मन मोहक दृश्यों के लिए जाने जाते हैं। मन-मोहक प्राकृतिक दृशय और मन-भावक खेत-खलियान, जंगल सब एक से बढ़ कर एक। एक बार चले जाओ तो वापस आने का मन न करे। यहाँ के लोग भी  बहुत मिलान सार है।  

भारत के उतर-पूर्व में ऐसी कई जगह है जो बहुत ही सुन्दर है और वहां एक जगह है जो मावलीनांग (Mawlynnong) के नाम से जानी जाती है,जो की मेघालय ईस्ट खासी हिल्स डिस्ट्रिक्ट (East Khasi Hills District) में है। और मावलीनांग (Mawlynnong) भारत का ही नहीं बल्कि एशिया का भी सबसे साफ़-सुथरा प्रदेश माना जाता है।  वहां के लोग भी बहुत सफाई पसंद है।  हर घर में फूल और फल के पौधे लगे मिलते हैं। 

मावलीनांग (Mawlynnong) में बहुत सी ऐसी चट्टानें हैं जो बहुत बड़ी हैं पर वो अंदर से खोखली हैं , ये माना जाता है की ये चट्टाने बहुत साल से बहते पानी के द्वारा नक्काशी के द्वारा बनी हैं। मावलीनांग (Mawlynnong) खासी शब्द से बना है, जहाँ 'माव' का मतलब पत्थर होता है और 'लैनलोग' का मतलब बिखरा हुआ या छितरा हुआ होता है।मावलीनांग (Mawlynnong) खासी शब्द से बना है, जहाँ 'माव' (Maw) का मतलब पत्थर होता है और 'लैनलोग' (Lynnong) का मतलब बिखरा हुआ या छितरा हुआ होता है।   

सबसे बेहतर तरीका मावलीनांग (Mawlynnong) पहुंचने का है, शिलॉन्ग से कार में जाना। रास्ता बहुत ही खूबसूरत है, बादल आपका हर मोड़ पर स्वागत करते हैं, और चांदी सी चमकती नहरें मन को मोह लेती हैं।  

तेज़ पत्ता और पान का पत्ता बहुत ही लोक प्रिये है वहां, लोग पान का पत्ता, सुपारी और चुना खाना बहुत पसंद करते हैं, किसी के घर जाने पर वो लोग आपको पान का पत्ता ही सबसे पहले पेश करते हैं।

मावलीनांग (Mawlynnong) में कई पुराने ढांचे के आधार पर बनी छोटी-छोटी Chruch भी हैं, यहाँ की जनसख्याँ बहुत ही कम हैं, लोग भी यहाँ सीधे -साधे से हैं। सबसे बेहतरीन जो यहाँ है वह है 'Living Root Bridges' जीवित पेड़ की जड़ से बने पुल जो की छोटी-छोटी नहरों के ऊपर बने हैं।  ये पुल यहाँ रहने वाले खासी लोगों द्वारा ही बनाये गए हैं, बड़े-बड़े पेड़ों की जड़ों को जोड़ कर ये पुल बनाये गए हैं, जो की स्थानीय लोगों द्वारा छोटी -छोटी नदी और नहरों को पार करने के लिए बनाये गए हैं। 


ऐसे यहाँ बहुत से पुल बनाये गए हैं, जो की स्थानीय लोगों के लिए बहुत ही जरूरी हैं। कुछ पुल एक आधे  घंटे की ट्रैकिंग के बाद ही दिख जाते हैं पर कई ऐसे हैं जिन्हें देखने के लिए एक से दो घंटे की ट्रैकिंग करनी होती है ।  ये पुल नाज़ुक से हैं, तो इन पर एक बार में बस दो-तीन लोग ही चल सकते हैं, एक बार में अधिक  लोगो के भार से ये गिर भी सकते हैं।  


यहाँ के स्थानीय लोग इन पुलों को समय - समय पर ठीक करते रहते हैं, पेड़ की जड़े ठीक से बाँधी जाती हैं ताकि जड़े जब बढ़ें तो एक साथ जुड़ कर पुल के लिए मजबूत ढांचा बनती जाएँ।  


यहाँ सिंगल और डबल पुल भी हैं यानि पुल के ऊपर भी पुल है, जैसे की डबल डेकर पुल है।  इस सबके बारे में जिनता लिखो उतना कम है। खूबसूरती को आँखों से देख कर ही उसका पूर्ण एहसास लिया जाता है।  ताज महल सुन्दर है बस पड़ने मात्र ही नहीं देखने से ऐसा लगता है किसी ने आसमान और धरती को मिलाने वाली एक ईमारत की तस्वीर खींची हो।  और हाँ मेरी बातों में मत आएं, खुदसे जा कर इस सबका एहसास करें। फिर बताएं कैसे लगे, ये अनोखा लिविंग रुट ब्रिज ।  

    

बड़ी - बड़ी मूर्तियां, बिल्डिंगें, मन-मोहक पहाड़, लुभावने प्राकृतिक जंगल, सब कुछ तो है हमारे देश में, तो हमारी ज़िम्मेद्दारी हैं इन सब के आस - पास की जगह को साफ़ और अपने साथ ले जाई गयी बोतलें और खान -पान के पैकेट वहां न फ़ेंक कर अपने साथ ले आएं और उन्हें किसी कूड़ेदान में डाल दें।  

इस धरती को जिसे हम माँ कहते हैं हमे बहुत कुछ दिया है, हमारा ये फ़र्ज़ है की हम इसे साफ़ रखने में पूरे मन से योगदान दें।